मधुमेह का नियंत्रण – लक्षण जानिए

मधुमेह का नियंत्रण – लक्षण जानिए

मधुमेह क्या है?

मधुमेह एक चयापचय क्रिया से संबंधित रोग है जो शरीर में शर्करा की मात्रा बढाता है| इन परिस्थितीयों में अग्न्याशय में बिटा कोशिकाओंको बनानेवाला इंसुलिन पर्याप्त मात्रा में हार्मोन इंसुलिन का उत्पादन नहीं करता या फिर शरीर इंसुलिन का उपयोग ठीक से नहीं कर सकता|

मधुमेह के प्रकार :
प्रकार 1 या इन्सुलिन पे निर्भर
प्रकार 2 और एडल्ट डायबिटिज
जेस्टेशनल डायबिटिज

रक्त में शर्करा की मात्रा पर नियंत्रण रखना महत्वपूर्ण है क्योंकी शर्करा की उच्च मात्रा की वजहसे हृदयसंबंधी तकलिफे जिसमें स्ट्रोक, तंत्रिकाओं का नुकसान, आँखे, गुर्दे, और बाकी अवयव का नुक्सान हो सकता है| रक्त में शर्करा की मात्रा का कम होना गंभीर परेशानिया निर्माण कर सकता है|

मधुमेह के लक्षण :

रक्त और मुत्र में शर्करा के उच्च मात्रा के प्राथमिक लक्षण यह है:

  • निर्जलीकरण और मुँह सुखना/ भूक बढना और ज्यादा प्यास लगना
  • पेशाब का बढना/ थकान और मिचली आना
  • सरदर्द और नजर कमजोर होना/ वजन कम और ज्यादा होना
  • खुजलीदार त्वचा से संक्रमण और संवेदनशीलता बढ जाना
  • जख्म, चोट और घाव धीमेसे भरना

शर्करा की उच्च मात्रा और शर्करा पर नियंत्रण की कमी आगे जाकर परेशानी निर्माण कर सकती है, साथही व्यक्ती के संपूर्ण आरोग्यपर जबरदस्त दबाव डाल सकती है|

मधुमेह कैसे होता है?

हम जो खाना खाते है वो पेट और आंत में जाता है| जहाँ वो छोटे-छोटे कण में बांटा जाता है| फिर वहाँ से वो यकृत में जाता है| यकृत अन्नसे चरबी को अलग करता है| कार्बोहायड्रेट्स और प्रोटीन को उर्जा के रुपमें परिवर्तीत और संग्रहीत करता है| जो बाद में उपयोग में आता है| इस उर्जा को रक्ताभिसरण क्रिया के माध्यमसे संपूर्ण शरीर में पहुँचाया जाता है| शरीर में लगभग 50 लाख करोड कोशिकाए होती है| हर एक कोशिका को इसी उर्जा के रुप में अन्न पहुँचता है| जो उन्हें अधिक सक्रिय रुपसे काम करने में मदत करता है|

जब व्यक्ति को मधुमेह होता है, तो उनका शरीर या तो पर्याप्त मात्रा में इंसुलिन नहीं बनाता या तो जो इंसुलिन बना है उसको अच्छे तरीके से उपयोग में नहीं ला पता जिस वजह से कोशिकाओं तक उर्जा कम पहुँचती है|

मधूमेह को नियंत्रण में रखने के लिए आम तौर पर कौनसे सबसे अच्छे तरीके अपनाए जाते है?

  • एक चिकित्सक/मधुमेह विज्ञानी से भेट : एक बार शर्करा के स्तर में उतार-चढ़ाव के संदिग्ध लक्षण दिखाई देते है, तो आमतौर पर एक डॉक्टर से संपर्क किया जाता है ताकि इसे गंभीर होने से रोका जा सके । डॉक्टर यूरिन/ब्लड टेस्ट की शिफारिश करेंगे और दवाइयां/टेबलेट लिखेंगे । इंसुलिन शॉट्स भी एक विकल्प हो सकता है अगर शर्करा का स्तर बहुत अधिक हैं । लेकिन डॉक्टर केवल बाहरी शरीर की जांच करता है और उच्च शर्करा के स्तर के लक्षणों और प्रतिक्रियाओं को संबोधित करता है। चिकित्सा विज्ञान स्थायी इलाज का कोई आश्वासन प्रदान नही करता है। उपचार से कभी कभी इलाज नहीं हो पाता, लेकिन कुछ समय के लिए लक्षण छिपा सकता है। इससे शर्करा का स्तर कभीभी नियंत्रण से बाहर जा सकती है, ऐसी सम्भावना रहती है|
  • सामान्य नैसर्गिक उपचार लेने की कोशीश : मेथी बीज के पानी से शरीर में पानी की मात्रा को बनाये रखना, करेले का रस, चीनी को कम करना, तुलसी के पत्ते, काले बेर/जामून, आदी, जैसे कई घरेलू उपचार है। क्या आपको लगता है ऐसी कठोर नैसर्गिक उपचार मधूमेह को संपूर्ण ठीक कर सकते है? नहीं, यह उतना आसान नहीं है जितना लगता है।

क्या मधूमेह का कोई स्थायी समाधान है।

एक पूर्ण इलाज के लिए और उच्च शर्करा के स्तर के पतन से बचने के लिए हमे न केवल शरीर का इलाज करना चाहिए, बल्कि हमे हमारे परिसर का भी खयाल रखना चाहिए जैसे की घर / कार्यस्थल और विश्व शक्ति।

जब यह तीनो यानी हमारा शरीर, हमारा परिसर और विश्व शक्ति एकत्रित होते है तब अगले 9 से 180 दिनों के भीतर सुधारणा प्रक्रिया शुरु जाती है। संपूर्ण स्वास्थ के लिए ज्यादा से ज्या 180 दिनों का समय लग सकता है।

मानव गुरु का अनन्य ज्ञान वैज्ञानिक तरीके से काम कैसे करता है?

हर एक मानव शरीर में जो उर्जा उत्पन्न होती है उसके अपने कंपनीय तरंग होते है

वो स्थान जहाँ वो रहते है/कार्य करते है, उनकी भी अपनी उर्जा होती और उसके अपने कंपनीय तरंग होते है

इसी तरह, विश्व शक्ति के भी अपने कंपनीय तरंग होते है

मानव गुरु के अनुसार, मधुमेह से संबंधित समस्याओंका मुख्य कारण मन, शरीर और हमारे आसपास के स्थान का विश्व शक्ति से संपर्क टूटने से होता है।

जब लोग, वे स्थान जहां वो रहते है/काम करते है, संबंधित कंपनीय तरंग के माध्यम से विश्व शक्ति से जुडते है, तब विश्व शक्ति स्वचलित रुप से शरीर में प्रसारित हो जाती है।

विश्व शक्ति अभिभावक की तरह काम करती है और मन और शरीर पर नियंत्रण का प्रबंधन करती है। एक बार ऐसा होने पर, जीवन एक परिवर्तन से गुजरता है और आप 9 से 180 दिनों के भीतर अपने दर्द के स्तर में सकारात्मक बदलाव का अनुभव करना शुरू कर देंगे।

सारांश : जब आप अपने जीवन में मानव गुरु के मार्गदर्शन का पालन करने की शुरुवात करेंगे, शुरू में आपको इलाज को रोकने की जरूरत नहीं है। आप नियमित प्रगति देखेंगे और चिकित्सा रिपोर्ट्स सुधार को मान्य करेगी।
अगले 180 दिनों के भीतर, रिपोर्ट सामान्य स्तर दिखाएगी और आप सभी दवाओं को रोकने के लिए डॉक्टर से सलाह ले सकते हैं।
आप एक बार मानवगुरु के अनन्य ज्ञान के मार्गदर्शन से सिर्फ 9 से 180 दिनों में मधुमेह की स्थिती में सकारात्मक परिवर्तन का अनुभव करने की कोशिश क्यों नहीं करते?

 मानव गुरु

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अपने दिव्य ज्ञान के द्वारा लाखों परिवारों की जिंदगी को 9 से 180 दिन में परिवर्तन करवाया है।

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