किसानों की समस्या और समाधान

किसानों की समस्या और समाधान

किसान किसी भी कृषि आधारित अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। अनुमानित 166 लाख लोग भारत में खेती की गतिविधियों में लगे हुए हैं। भारत की लगभग 58% जनसंख्या कृषि से संबंधित गतिविधियों में लगी हुई है। भारत 2022 तक अपने कृषि संबंधित आय को दोगुना करने की उम्मीद कर रहा है। यह प्रौद्योगिकी और ज्ञान के मामले में किसानों के लिए बेहतर समर्थन होगा।

भारतीय कृषि और संबद्ध उद्योगों के एक अहवाल में निम्नलिखित आँकड़े हैं:

  • भारतीय खाद्य और किराना, दुनिया का छठा सबसे बडा बाजार है।
  • भारत, दुनिया में कृषि उत्पादों के 15 प्रमुख निर्यातकों में से एक है।
  • अक्टुबर 2019 से मई 2020 के बीच भारत में चीनी का उत्पादन 26.46 मेट्रिक टन तक पहुँचा।
  • आवश्यक कृषि माल का निर्यात एप्रिल से सप्टेंबर 2020 में 37,397 करोड रुपये से अधिक था।
  • वित्त वर्ष 2021 में दूध उत्पादन बढ़कर 208 मेट्रिक टन होने की अपेक्षा है – साल-दर-साल (Y-O-Y)10% की वृद्धि।
  • लगभग 53.578 करोड़ पशुधन जनसंख्या – विश्व की आबादी का लगभग 31%।
  • वित्त वर्ष 2020 में भारत से कृषी उत्पाद की निर्यात US$ 35.09 billion तक पहुँच गई।
  • भारत में जैविक खाद्य विभाग 2025 तक 75,000 करोड रुपयों तक पहूँचने की अपेक्षा है।

सामाजिक-राजनीतिक प्रभाव के अलावा, कृषि और किसानों की समस्याओं को बढ़ाने वाले कुछ प्रमुख कारक नीचे दिए गए हैं:

1. बारिश
2. मिट्टी
3. जल स्तर
4. उचित निर्णय लेना
5. फसलो को अच्छे दाम मिलना और वित्तीय स्थिरता
6. कर्ज़ को चुकाने में असमर्थता
7. खेती की लागत वसूल करने में असर्थता

आमतौर पर धारणा यह है की यह सभी कारकों को मानवी नियंत्रण के बाहर माना जाता है। सन 2000 से मानव गुरु ने उनके अनन्य ज्ञान के माध्यम से, इन समस्याओं का समाधान खोज निकाला है।

दुसरे शब्दों में कहां जाए तो, किसान इन सभी समस्याओं का सामना कर रहा है क्यों की विश्व शक्ती से उनका संपर्क टूट गया है।

मानव गुरु के अनुसार गलती यह है कि, हम हमारे आसपास के स्थान जैसे की घर/कार्यस्थल को ध्यान में लिए बिना सिर्फ शरीर को ठीक करने मे लगे है। विश्व शक्ती भी अनदेखी कर दी जाती है और यही विश्व शक्ती से संपर्क टूटने की मुख्य वजह बनती है। मानव गुरु का अनन्य ज्ञान इसी पर काम करता है।

हम हमारा अधिक वक्त घर या/ और कार्यस्थल पर बिताते है, यानी लगभग 24 घंटो में से 20 घंटे। इसलिए, हमे विश्व शक्ती से सिर्फ इन्ही दो स्थानों में संपर्क बनाना होगा।

घर/कार्यस्थल पर कुछ ऐसे कारक होते है जो विश्व शक्ती के संपर्क में आने के लिए बढ़ाएं पैदा करते है। मानव गुरु आपको इन बाधाओं को निकालने में मार्गदर्शन करेंगे। यह विश्व शक्ती से संपर्क बनाने में आपकी मदत करेंगे। ऐसा होने से, शरीर, आसपास की जगह यानी घर / कार्यस्थल और विश्व शक्ति एक हो जाएंगे।
फिर विश्व शक्ती उन समस्याओं का समाधान करना शुरु करेगी, जो भारतीय किसानों के नियंत्रण के बाहर है। विश्व शक्ती के दिए हुए कुछ समाधान कल्पना क्षेत्र के परे है।

  1. भलेही आपको समय पर पानी ना मिले फिर भी फसलों पर प्रभाव नहीं पड़ेगा।
  2. आपके जमीन पर मिट्टी की स्थिती देखकर कौनसे बीज बोने के लिए सही है, इसका विश्व शक्ती मार्गदर्शन करेगी।
  3. अगर आप बोर/कुंवा खुदवाना चाहते है तो फिर आपको उसमे जरूर पानी मिलेगा।
  4. विश्व शक्ती आपको वित्तीय स्थिरता प्राप्त करने और बनाए रखने में मार्गदर्शन करेगी। आपको आपकी फसल के लिए अच्छे दाम मिलेंगे और यह आपको कर्ज को समय पर चुकाने में मदत करेगी।

मानव गुरु का तत्वज्ञान वैज्ञानिक तौर पर कैसे काम करता है?

  • हर एक मानवी शरीर में जो उर्जा उत्पन्न होती है, उसके अपने कंपनीय तरंग होते है।
  • वो स्थान जहाँ वो रहते/काम करते है, उसकी भी अपनी उर्जा और कंपनीय तरंग होती है।
  • उसी तरह, विश्व शक्ती के भी अपने कंपनीय तरंग होते है।

मानव गुरु के अनुसार, खेती से संबंधित समस्याओं का मुख्य कारण मन, शरीर और आसपास के स्थान का विश्व शक्ती से संपर्क टूटना है।

जब लोग, वे स्थान जहां वे रहते या काम करते है संबंधित कंपनीय तरंगो के माध्यम से विश्व शक्ती से जुड़े होते हैं; तब विश्व शक्ती स्वचालित रूप से शरीर में प्रसारित हो जाती है।

विश्व शक्ती अभिभावक की तरह काम करती है और मन और शरीर पर नियंत्रण का प्रबंधन करती है। एक बार ऐसा होने पर, जीवन का अगला चरण एक परिवर्तन से गुजरता है और आप 9 से 180 दिनों के भीतर सकारात्मक बदलाव का अनुभव करना शुरू करते है।

सारांश : तनाव किसी भी दिशा से आ सकता है और खासकर कृषी जैसे असंघटित क्षेत्र में। हमारी आपको सलाह है कि, हर किसान को वित्तीय और काम से संबंधीत तनाव से उबरने के लिए मानव गुरु के अनन्य ज्ञान की मदत लेनी चाहिए जिसका अनुभव उन्हें सिर्फ 9 से 180 दिनों में दिखाई देगा?
किसानों की समस्याओं का समाधान एक वास्तविकता बन सकता है क्योंकि ब्रह्मांड किसान समुदाय के प्रयासों का समर्थन जरूर करेगा। शरीर और घर/कार्यस्थल की ऊर्जा को विश्व शक्ती से तालमेल कराना, इस स्थिती से दूर होनेका का स्थायी समाधान है।

 मानव गुरु

मानव गुरु

अपने दिव्य ज्ञान के द्वारा लाखों परिवारों की जिंदगी को 9 से 180 दिन में परिवर्तन करवाया है।

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